Vaivasvata-Manu Sarga and the Re-Manifestation of the Saptarṣis (वैवस्वतसर्गः—सप्तर्षिप्रादुर्भावः)
भृगुस्त्वमिति चोवाच यस्मात्तस्मात्स वै भृगुः / महादेवस्तथोद्भूतो दृष्ट्वा ब्रह्माणमब्रवीत्
bhṛgustvamiti covāca yasmāttasmātsa vai bhṛguḥ / mahādevastathodbhūto dṛṣṭvā brahmāṇamabravīt
उसने कहा—“तुम भृगु हो”; इसलिए वह भृगु कहलाया। उसी प्रकार महादेव भी प्रकट हुए और ब्रह्मा को देखकर बोले।