इन्द्रियाणि च मेध्यानि विचेतव्यानि कृत्स्नशः सर्वाण्य् एवानुपूर्वेण यद् यदा च विधीयते //
यहाँ श्लोक का पाठ निर्दिष्ट है; मूल ग्रन्थ में यथोक्त श्लोक-संख्या 74 मानी गई है।