ताः सृष्टास् तेन विधिना पर्वते गन्धमादने सनत्कुमारप्रमुखास् तिष्ठन्ति तपसान्विताः //
यह ब्रह्मपुराण का तिरेपनवाँ श्लोक है; मूल संस्कृत-पाठ यहाँ उपलब्ध नहीं है।