अजं पुराणम् अजरं सनातनं यम् इन्द्रियातिगम् अगोचरं द्विजाः अवेक्ष्य चेमां परमेष्ठिसाम्यतां प्रयान्त्य् अनावृत्तिगतिं मनीषिणः
यह पुराणोक्त पवित्र वचन परम धर्म और मोक्ष देने वाला है। श्रद्धा से पढ़ने और सुनने वाले का पुण्य नित्य बढ़ता है।