दृश्यादृश्ये ह्य् अनुगततत्स्वभावे महाद्युते अव्यक्तं चैव तद् ब्रह्म बुध्यते तात केवलम् //
नवम श्लोक—मूल पाठ के अभाव में अर्थ-निर्णय संभव नहीं; कृपया श्लोक प्रदान करें।