षड्विंशेन प्रबुद्धेन बुध्यमानो ऽप्य् अबुद्धिमान् एतन् नानात्वम् इत्य् उक्तं सांख्यश्रुतिनिदर्शनात् //
यह अध्याय 245 का अठारहवाँ श्लोक है; मूल पाठ यहाँ संख्या-रूप में दिया गया है।