गङ्गाद्वारे समासीनं प्रेरितेन्द्रेण मेनका तं गत्वा तपसो भ्रष्टं कुरु भद्रे ममाज्ञया //
यह षष्ठ श्लोक है—भक्ति से देवपूजा करने पर मोक्षमार्ग प्रकाशित होता है।