Rājasūya-sambhāra: Prosperity under Rājadharma and the Initiation of Yudhiṣṭhira’s Sacrifice
जारासंधि सान्त्वयित्वा करे च विनिवेश्य ह । तैरेव सहितै: सर्वे: कर्णमभ्यद्रवद् बली,वहाँ जरासंधकुमार सहदेवको सान्त्वना देकर उसे कर देनेकी शर्तपर उसी राज्यपर प्रतिष्ठित कर दिया और उन सबके साथ बलवान भीमने कर्णपर चढ़ाई की। पाण्डवश्रेष्ठ भीमने पृथ्वीको कम्पित-सी करते हुए चतुरंगिणी सेना साथ ले शत्रुघाती कर्णके साथ युद्ध छेड़ दिया। भारत! उस युद्धमें कर्णको परास्त करके अपने वशमें कर लेनेके पश्चात् बलवान् भीमने पर्वतीय राजाओंपर विजय प्राप्त की। तदनन्तर पाण्डुनन्दन भीमसेनने मोदागिरिके अत्यन्त बलिष्ठ राजाको अपनी भुजाओंके बलसे महासमरमें मार गिराया
jārāsaṃdhi sāntvayitvā kare ca viniveśya ha | taireva sahitaiḥ sarvaiḥ karṇam abhyadravad balī ||
Vaiśaṃpāyana said: Having consoled Jārāsaṃdhi (the son/line of Jarāsandha) and installing him in the kingdom on the condition of paying tribute, the mighty Bhīma then advanced against Karṇa together with all those allies.
वैशम्पायन उवाच