स्थाणुरुवाच हन्तव्या: शत्रव: सर्वे युष्माकमिति मे मति: । न त्वेक उत्सहे हन्तुं बलस्था हि सुरद्विष:,भगवान् शिवने कहा--देवताओ! मेरा ऐसा विचार है कि तुम्हारे सभी शत्रुओंका वध किया जाय, परंतु मैं अकेला ही उन सबको नहीं मार सकता; क्योंकि वे देवद्रोही दैत्य बड़े बलवान हैं
Sthāṇu (Śiva) said: “O gods, it is my judgment that all your enemies should be slain. Yet I alone cannot bring myself to kill them all, for those asuras who hate the gods are exceedingly strong.”
दुर्योधन उवाच