शिखण्डी रक्षितस्तेन स च मृत्युर्महात्मन: । 'यह प्रसिद्ध है कि उसे भी तेरे पिताने भीष्मका अन्त करनेके लिये उत्पन्न किया था; उन्होंने महात्मा भीष्मकी मूर्तिमान् मृत्युके रूपमें ही शिखण्डीको सुरक्षित रखा था ।। १८६ || पज्चालाश्वलिता धर्मात् क्षुद्रा मित्रगुरुद्रुह:
sañjaya uvāca |
śikhaṇḍī rakṣitas tena sa ca mṛtyur mahātmanaḥ |
Sañjaya said: “Śikhaṇḍī was protected by him, and he was, as it were, the embodied death of the great-souled one (Bhīṣma).”
संजय उवाच