Droṇa’s Conditional Boon: The Plan to Capture Yudhiṣṭhira (द्रोणेन युधिष्ठिरग्रहणोपायः)
तच्च मर्षितवान् शक्रो जानंस्तस्य पराक्रमम् | राज्ञां चाप्यजितं कज्चित् कृष्णेनेह न शुश्रुम,उनके पराक्रमको इन्द्र अच्छी तरह जानते थे, इसलिये उन्होंने वह सब चुपचाप सह लिया। राजाओंमेंसे किसीको भी मैंने ऐसा नहीं सुना है, जिसे श्रीकृष्णने जीत न लिया हो
Śakra (Indra) endured it, knowing well his prowess; and among kings I have not heard of any whom Kṛṣṇa did not conquer in this world.
वैशम्पायन उवाच