Varṣa-Parvata-Nivāsinām Varnanam
Description of Regions, Mountains, and Their Inhabitants
अन्ये ततो<5परिज्ञाता हस्वा हस्वोपजीविन: । आर्या म्लेच्छाश्न॒ कौरव्य तैर्मिश्रा: पुरुषा विभो,इनसे भिन्न और भी छोटे-छोटे अपरिचित पर्वत हैं, जो छोटे-छोटे प्राणियोंके जीवन- निर्वाहका आश्रय बने हुए हैं। प्रभो! कुरुनन्दन! इस भारतवर्षमें आर्य, म्लेच्छ तथा संकर जातिके मनुष्य निवास करते हैं। वे लोग यहाँकी जिन बड़ी-बड़ी नदियोंके जल पीते हैं, उनके नाम बताता हूँ, सुनिये। गंगा, सिन्धु, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा, बाहुदा, महानदी, शतद्गू, चन्द्रभागा, महानदी यमुना, दृषद्वती, विपाशा, विपापा, स्थूलबालुका, वेत्रवती, कृष्णवेणा, इरावती, वितस्ता, पयोष्पी, देविका, वेदस्मृता, वेदवती, त्रिदिवा, इक्षुला, कृमि, करीषिणी, चित्रवाहा तथा चित्रसेना नदी
anye tato 'parijñātā hrasvā hrasvopajīvinaḥ | āryā mlecchāś ca kauravya tair miśrāḥ puruṣā vibho ||
Sañjaya said: “Beyond these there are other, little-known minor ranges—small in extent—serving as the means of livelihood for small communities. O Kauravya, O mighty one, in this land of Bhārata dwell people of Ārya, Mleccha, and mixed origins.”
संजय उवाच