पाण्डवानां पाञ्चालगमनम्
The Pāṇḍavas’ Journey toward Pāñcāla and News of the Svayaṃvara
नन्दिनीं सम्प्रयच्छस्व भुड्क्ष्व राज्यं महामुने । और अत्यन्त संतुष्ट होकर राजा विश्वामित्रने उस समय उन महर्षिसे कहा--“ब्रह्मन्! आप दस करोड़ गायें अथवा मेरा सारा राज्य लेकर इस नन्दिनी-को मुझे दे दें। महामुने! इसे देकर आप राज्य भोग करें"
nandinīṃ samprayacchasva bhuṅkṣva rājyaṃ mahāmune |
“Hand over Nandinī, O great sage, and take this kingdom to enjoy.”
गन्धर्व उवाच