बकवधोत्तर-प्रशमनम् | Post-slaying Stabilization after Baka’s Death
कुतस्त्वमसि सम्प्राप्त: कश्नासि पुरुषर्षभ । क इमे शेरते चेह पुरुषा देवरूपिण:,हिडिम्बा इच्छानुसार रूप धारण करनेवाली थी। वह मानवजातिकी स्त्रीके समान सुन्दर रूप बनाकर लजीली ललनाकी भाँति धीरे-धीरे महाबाहु भीमसेनके पास गयी। दिव्य आभूषण उसकी शोभा बढ़ा रहे थे। तब उसने मुसकराकर भीमसेनसे इस प्रकार पूछा --'पुरुषरत्न! आप कौन हैं और कहाँसे आये हैं? ये देवताओंके समान सुन्दर रूपवाले पुरुष कौन हैं, जो यहाँ सो रहे हैं?
kutas tvam asi samprāptaḥ kaś nāsi puruṣarṣabha | ka ime śerate ceha puruṣā devarūpiṇaḥ ||
Vaiśampāyana said: “From where have you come here, and who are you, O best of men? And who are these men of godlike appearance who lie sleeping here?”
वैशम्पायन उवाच