शल्यस्य पाण्डवसेनापीडनम् — Śalya’s Assault on the Pāṇḍava Host
with Omens and Bhīma’s Counter
तथा ध्वजं सारथिं च त्रिभिस्त्रिेभिरपातयत् । उसने अपने तीखे बाणोंद्वारा नकुलके घोड़ोंको भी मृत्युके हवाले कर दिया तथा तीन- तीन बाणोंसे उनके ध्वज और सारथिको भी काट गिराया
tathā dhvajaṃ sārathiṃ ca tribhis tribhir apātayat |
সঞ্জয় বললেন—তদ্রূপ সে তিনটি করে বাণে ধ্বজ ও সারথিকে ফেলে দিল। তার তীক্ষ্ণ শর নকুলের ঘোড়াগুলোকেও মৃত্যুর হাতে সঁপে দিল; আর ধ্বজ ও সারথিকে তিন-তিন বাণে নিপাত করল।
संजय उवाच