मायासभायां दुर्योधनस्य अवमान-प्रसङ्गः
Duryodhana’s Humiliation in the Hall of Māyā
नच वै तस्य मृत्युर्वे न काल: प्रत्युपस्थित: । मृत्यु्न्तास्य शस्त्रेण स चोत्पन्नो नराधिप,“नरेश्वर! अभी इसकी मृत्यु नहीं आयी है और न काल ही उपस्थित हुआ है। जो इसकी मृत्युका कारण है तथा जो शस्त्रद्वारा इसका वध करेगा, वह अन्यत्र उत्पन्न हो चुका है!
na ca vai tasya mṛtyur vā na kālaḥ pratyupasthitaḥ | mṛtyuṃ tasyāśastreṇa sa cotpanno narādhipa ||
ভীষ্ম বললেন—হে নরেশ্বর, এখনও তার মৃত্যু আসেনি, নির্ধারিত কালও উপস্থিত হয়নি। যার দ্বারা তার মৃত্যু হবে—এবং যে অস্ত্র দিয়ে তাকে বধ করবে—সে অন্যত্র ইতিমধ্যেই জন্মেছে।
भीष्म उवाच