Jvarotpatti — The Origin and Distribution of Jvara
Fever
बलं॑ षष्ठं षडेतानि वाचा सम्यग्यथा मम । ज्ञानचेष्टेन्द्रियगुणा: सर्वेषां शब्दिता मया,इसके सिवा छठी कर्मेन्द्रिय बल अर्थात् प्राणसमूह है। इस प्रकार मैंने अपनी वाणीद्वारा तुम्हें समस्त इन्द्रियाँ और उनके ज्ञान, कर्म एवं गुण सुना दिये
وأمّا القوّة السادسة فهي «بَلا»؛ أي جماعةُ البرانا (نَفَسُ الحياة وقواها). وهكذا فقد أنبأتُك بلساني عن جميع الحواسّ، وعن معرفتها وأفعالها وصفاتها.
असित उवाच