द्रोणकर्णयोः निशि संप्रहारः — Night Engagement with Droṇa and Karṇa
अयं स वैकर्तन युद्धकालो विदर्शयस्वात्मबलं महात्मन् | यथा न वध्येत रणे<र्जुनेन जयद्रथ: कर्ण तथा कुरुष्व,'सूर्यपुत्र! यही वह युद्धका समय आया है। महात्मन्! तुम इस समय अपना बल दिखाओ। कर्ण! रणभूमिमें अर्जुनके द्वारा जैसे भी जयद्रथका वध न होने पावे, वैसा प्रयत्न करो
«يا ابنَ الشمس! لقد حان أوانُ القتال. أيها العظيمُ النفس، أظهِر قوّتَك الآن. يا كَرْنَةُ، افعل ما يلزم كي لا يُقتَل جَيَدْرَثُ في ساحةِ الحرب بيدِ أرجونا.»
संजय उवाच