Droṇa’s Conditional Boon: The Plan to Capture Yudhiṣṭhira (द्रोणेन युधिष्ठिरग्रहणोपायः)
यच्च भकक्त्या प्रसन्नो5हमद्राक्ष॑ कृष्णमी श्वरम् । तन्मे सुविदितं सर्व प्रत्यक्षमिव चागमम्,मैंने प्रसन्न होकर भक्तिभावसे भगवान् श्रीकृष्णके उस ईश्वरीय रूपका जो दर्शन किया, वह सब मुझे आज भी अच्छी तरह स्मरण है। मैंने उन्हें प्रत्यक्षकी भाँति जान लिया था
لقد أبصرتُ، وأنا مفعم بالرضا والعبادة، كريشنا الإلهَ في هيئته الربّانية؛ وذلك كلّه معلومٌ لديّ تمام العلم، كأنه رأيُ عين، وقد عرفته معرفةَ المشاهدة المباشرة.
वैशम्पायन उवाच