Śrāddha-Kalpa: Pitṛ-Pūjā and Tithi-Phala (श्राद्धकल्पः पितृपूजा च तिथिफलम्)
नेदं धारयितुं शक्ता: समस्ता इति मे मतिः । तेज:प्रभावनिर्दग्धं॑ तस्मात् सर्वमिदं जगत्,“आप दोनोंसे जो पुत्र उत्पन्न होगा, वह निश्चय ही देवताओंको पराजित कर देगा। प्रभो! हमारा तो ऐसा विश्वास है कि न तो पृथ्वीदेवी, न आकाश और न स्वर्ग ही आपके तेजको धारण कर सकेगा। ये सब मिलकर भी आपके इस तेजको धारण करनेमें समर्थ नहीं हैं। यह सारा जगत् आपके तेजके प्रभावसे भस्म हो जायगा
nedaṃ dhārayituṃ śaktāḥ samastā iti me matiḥ | tejaḥprabhāvanirdagdhaṃ tasmāt sarvam idaṃ jagat ||
قال بهيشما: «في تقديري، حتى لو اجتمعوا جميعًا فلن يقدروا على احتمال هذا الإشعاع. لذلك فإن هذا العالم كلَّه سيُحرق ويُردّ رمادًا بقوةِ ذلك البهاء المُحرق.»
भीष्म उवाच