शुभाड़ो लोकसारज्भ: सुतन्तुस्तन्तुवर्धन: । इन्द्रकर्मा महाकर्मा कृतकर्मा कृतागम:,७८२ शुभाड़:-कल्याणकारक सुन्दर अंगोंवाले, ७८३ लोकसारज्भ:-लोकोंके सारको ग्रहण करनेवाले, ७८४ सु तन्तुः-सुन्दर विस्तृत जगत््रूप तन्तुवाले, ७८५ तन्तु वर्धनः- पूर्वोक्त जगत्-तन्तुको बढ़ानेवाले, ७८६ इन्द्रकर्मा-इन्द्रके समान कर्मवाले, ७८७ महाकर्मा- बड़े-बड़े कर्म करनेवाले, ७८८ कृतकर्मा-जो समस्त कर्तव्य कर्म कर चुके हों, जिनका कोई कर्तव्य शेष न रहा हो--ऐसे कृतकृत्य, ७८९ कृतागम:-स्वोचित अनेक कार्योंको पूर्ण करनेके लिये अवतार धारण करके आनेवाले
bhīṣma uvāca |
śubhāṅgo lokasāra-grāhyaḥ sutantuḥ tantu-vardhanaḥ |
indrakarmā mahākarmā kṛtakarmā kṛtāgamaḥ ||
قال بهيشما: إنه ذو هيئةٍ جميلةٍ مباركة، يدركُ لبَّ العوالم. خيطُه الكونيُّ محبوكٌ بإتقان، وهو لا يفتأُ يمدُّ ذلك الخيط. أعمالُه كأعمالِ إندرا، ومشاريعه عظيمةٌ جليلة. لقد أتمَّ كلَّ ما ينبغي إتمامُه، ومع ذلك يعودُ ثانيةً—متجسِّدًا عند الحاجة—ليُنجزَ ما يليقُ بحمايةِ العالمِ وإقامةِ نظامِه.
भीष्म उवाच