कृपकर्णसंवादः
Kṛpa’s Counsel to Karṇa on Deśa-Kāla and Coordinated Strategy
अजुन उवाच अहमस्म्यर्जुन: पार्थ: सभास्तारो युधिष्ठिर: । बल्लवो भीमसेनस्तु पितुस्ते रसपाचक:,अर्जुनने कहा--राजकुमार! मैं ही पृथापुत्र अर्जुन हूँ। राजाकी सभाके माननीय सदस्य कंक ही युधिष्ठिर हैं। बललव भीमसेन हैं, जो तुम्हारे पिताके भोजनालयमें रसोइयेका काम करते हैं
阿周那说道:“王子啊,我正是普利塔之子阿周那。你父王朝堂中那位受敬重、名为‘甘迦’的人,便是优提施提罗。名为‘婆罗婆’的,则是毗摩塞那,他在你父王的膳房中掌勺。”
अजुन उवाच