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Shloka 30

Adhiratha-Rādhā Discover the Casket; Vasuṣeṇa (Karṇa) is Adopted and Formed

ब्रह्मोवाच पुत्र नैतदिहाश्चर्य त्वयि राजर्षिधर्मणि । साधो सद्वृत्त काकुत्स्थ शृणु चेदं वचो मम,तत्पश्चात्‌ ब्रह्माजी बोले--वत्स! तुम राजर्षियोंके धर्मपर चलनेवाले हो; अतः तुममें ऐसा सद्विचार होना आश्चवर्यकी बात नहीं है। साधु सदाचारी श्रीराम! तुम मेरी यह बात सुनो

随后梵天说道:“孩子啊!你奉行王仙之法(rajarṣi-dharma),心怀如此正念,并不为奇。噢,迦拘特斯陀,端正的善士罗摩啊,且听我言。”

वरुण उवाच