Kaurava Court Hears of the Pāṇḍavas’ Forest Hardship (वैचित्रवीर्यवंशीयस्य राज्ञः करुणाविचारः)
इस प्रकार बहुत देरतक वहाँ टिके रहकर अग्निदेव कामके वशमें हो गये। वे अपना हृदय उन सुन्दरियोंपर निछावर करके उनसे मिलनेकी कामना कर रहे थे ।। कामसंतप्तह्दयो देहत्यागविनिश्चित: । अलाभे ब्राह्मणस्त्रीणामग्निर्वनमुपागमत्
kāma-santapta-hṛdayo deha-tyāga-viniścitaḥ | alābhe brāhmaṇa-strīṇām agnir vanam upāgamat ||
马尔坎德耶说道:欲火灼心,又因得不到那些婆罗门之妻而决意舍身,阿耆尼遂离去,进入森林。
मार्कण्डेय उवाच