इन्द्रद्युम्नोपाख्यानम्
Indradyumna Upākhyāna: On Kīrti, Smṛti, and Restoration
म्लेच्छाचारा: सर्वभक्षा दारुणा: सर्वकर्मसु । भाविन: पश्चिमे काले मनुष्या नात्र संशय:,युगान्तकालके मनुष्य म्लेच्छों-जैसे आचारवाले और सर्वभक्षी यानी अभक्ष्यका भी भक्षण करनेवाले हो जायाँगे। वे प्रत्येक कर्ममें अपनी क्रूरताका परिचय देंगे, इसमें संशय नहीं है
马尔坎德耶说道:“在末后之时,人们将行如旃荼罗外族(mleccha)之俗,成为无所不食之徒,连不当食之物亦吞噬。于一切行事之中,他们都将显露残忍——此无可疑。”
मार्कण्डेय उवाच