कृष्ण-दूतविषये दुर्योधनस्य बन्धन-प्रस्तावः — Duryodhana’s Proposal to Detain Krishna
Envoy-Ethics Debate
मायैषा सत्यमेवैतच्छझैतद् भूरिदक्षिण । जानामि त्वन्मतं राजन् गूढं बाह्न कर्मणा,यज्ञोंमें बहुत-सी दक्षिणा देनेवाले महाराज! मैं सच कहता हूँ। यह सब आपकी माया और प्रवंचनामात्र है। आपके इन बाह्ाव्यवहारोंमें छिपा हुआ जो आपका वास्तविक अभिप्राय है, उसे मैं समझता हूँ
赐予祭祀厚重布施(达克希那)的伟大君王啊!我所言皆真:这一切不过是幻术与欺诳。大王,我明白你那隐藏在外在举止之后的真实用心。
विदुर उवाच