देवतापितृप्रश्नः — Nārada at Badarīāśrama: the ultimate referent of daiva and pitṛ worship
अहमेको न मे कक्रिन्नाहमन्यस्य कस्यचित् | न तं पश्यामि यस्याहं तन्न पश्यामि यो मम,मैं अकेला हूँ। न तो दूसरा कोई मेरा है और न मैं दूसरे किसीका हूँ। मैं ऐसे किसी पुरुषको नहीं देखता, जिसका मैं होऊँ तथा ऐसा भी कोई नहीं दिखायी देता, जो मेरा हो
aham eko na me kaścid nāham anyasya kasyacit | na taṃ paśyāmi yasyāhaṃ tan na paśyāmi yo mama ||
毗耶娑说:“我唯有独自一人。无人真实属于我,我亦不真实属于任何人。我不见有一人可说我属于他;亦不见有一人可称为我之所有。”
व्यास उवाच