शल्यस्य सेनापत्याभ्युपगमः | Śalya’s Acceptance of Command
मध्यम: पाण्डवस्तीक्ष्णो भीमसेनो महाबल: । प्रतिज्ञातं च तेनोग्रं भज्येतापि न संनमेत्,“मझले पाण्डव महाबली भीमसेनका स्वभाव बड़ा ही कठोर है। उन्होंने बड़ी भयंकर प्रतिज्ञा की है। सूखे काठकी तरह वे टूट भले ही जाय, झुक नहीं सकते
madhyamaḥ pāṇḍavas tīkṣṇo bhīmaseno mahābalaḥ | pratijñātaṃ ca tenograṃ bhajyetāpi na saṃnamet ||
三阇耶说道:“般度五子中居中的毗摩军,性烈而力大无穷。他立下可怖的誓言:纵使如枯木般折断,也绝不屈身。”
संजय उवाच