Indratīrtha–Ādityatīrtha: Balarāma’s Ritual Bathing, Dāna, and Sacred-Historical Recollections
भरद्वाजस्य दुहिता रूपेणाप्रतिमा भुवि । श्रुतावती नाम विभो कुमारी ब्रह्म॒ाचारिणी,वैशम्पायनजी कहते हैं--राजन्! पहले कहा गया है कि वहाँसे बलरामजी बदरपाचन नामक श्रेष्ठ तीर्थमें गये, जहाँ तपस्वी और सिद्ध पुरुष विचरण करते हैं तथा जहाँ पूर्वकालमें उत्तम व्रत धारण करनेवाली भरद्वाजकी ब्रह्मचारिणी पुत्री कुमारी कन्या श्रुतावती, जिसके रूप और सौन्दर्यकी भूमण्डलमें कहीं तुलना नहीं थी, निवास करती थी
vaiśampāyana uvāca |
bharadvājasya duhitā rūpeṇāpratimā bhuvi |
śrutāvatī nāma vibho kumārī brahmacāriṇī ||
毗舍波耶那说道:大能者啊,婆罗陀婆阇之女——名为室鲁塔瓦蒂的未嫁少女——乃梵行女(brahmacāriṇī),其美貌在大地之上无与伦比。
वैशम्पायन उवाच