शल्यपर्व — चतुर्विंशोऽध्यायः | Śalya Parva, Chapter 24: Disruption of Kaurava Formations and the Elephant Encirclement
ततो दुर्योधन दृष्टवा रथानीके व्यवस्थितम् । स रथांस्तावकान् सर्वान् हर्षयन् शकुनिस्तत:,प्रजानाथ! तदनन्तर दुर्योधनको रथसेनामें खड़ा देख आपके सम्पूर्ण रथियोंका हर्ष बढ़ाता हुआ शकुनि अपनेको कृतार्थ-सा मानकर बड़े हर्षके साथ राजा दुर्योधनसे इस प्रकार बोला--
于是,杜尤陀那见战车军已列阵就位。其时,沙昆尼鼓舞你方诸车战勇士,使众人欢欣振奋;他自以为功业已成,满怀喜悦,对杜尤陀那王如此说道。
संजय उवाच