अध्याय ६० — कर्णस्य पाञ्चाल-सोमक-निग्रहः
Karna’s Suppression of the Panchala–Somaka Forces
व्यद्रवञ्छरविद्धाड़ा धातुचित्रा इवाचला: । भयसे पीड़ित हुए कितने ही पर्वताकार हाथी अपने सारे अंगोंमें बाणोंसे विद्ध होकर भयसे पीड़ित हो रक्त वमन करते हुए भागे जा रहे थे। उस समय विभिन्न धातुओंके कारण विचित्र दिखायी देनेवाले पर्वतोंके समान उनकी शोभा हो रही थी
许多象如山岳,周身被箭矢洞穿,受恐惧逼迫,边奔逃边呕吐鲜血。那时它们的形貌,恰似因诸般矿色而斑斓奇异的群山。
संजय उवाच