Saubhadra under Concentrated Assault; Pārṣata’s Intervention and Escalation
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका इं श्लोक मिलाकर कुल ७२ ३ “लोक हैं।] शीस्स्लश्शा5सस हज * त्रिपज्चाशत्तमो< ध्याय: धृष्टद्युम्न तथा द्रोणाचार्यका युद्ध धृतराष्ट उवाच कथं द्रोणो महेष्वास: पाञ्चाल्यश्लापि पार्षत: । उभौ समीयतुर्यत्ती तन््ममाचक्ष्व संजय,धृतराष्ट्रने पूछा--संजय! महाथनुर्थर द्रोणाचार्य तथा द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न--ये दोनों वीर किस प्रकार प्रयत्नपूर्वक आपसमें युद्ध कर रहे थे, वह सब वृत्तान्त मुझसे कहो
dhṛtarāṣṭra uvāca | kathaṃ droṇo maheṣvāsaḥ pāñcālyo 'pi pārṣataḥ | ubhau samīyatur yattī tan mamācakṣva sañjaya ||
持国王说道:“三阇耶,告诉我——当他们在战场上迎面相逢时,那位大弓手德罗那与般遮罗王子、毗湿多迦之子德里什塔杜姆那,是如何竭力相搏、彼此攻战的?”
धृतराष्ट उवाच