अध्याय ५५ — भीष्मस्य प्रचण्डविक्रमः, अर्जुनप्रत्युत्तरं, कृष्णस्य चक्रोद्यतिः
Chapter 55: Bhīṣma’s onslaught, Arjuna’s counter, and Kṛṣṇa’s raised discus
एकैकश: समर्था हि यूयं सर्वे महारथा: । पाण्डुपुत्रान् रणे हन्तुं ससैन्यान् किमु संहता:,“आप सभी महारथी हैं। आपमेंसे प्रत्येक योद्धा रणक्षेत्रमें सेनासहित पाण्डवोंका वध करनेमें समर्थ हैं। फिर सब लोग मिलकर उन्हें परास्त कर दें, इसके लिये तो कहना ही क्या है
“你们众人皆为摩诃车陀。你们之中任一人,独自也足以在战场上诛杀般度之子,即便他们有军队相随;何况你们合力,又何愁不能击败他们?”
संजय उवाच