Umā–Maheśvara-saṃvāda: Varṇa-bhraṃśa, Ācāra (Vṛtta), and Karmic Ascent/Decline
अन्यथा हि वृथा मर्त्या: पूजयन्त्यल्पबुद्धयः,अल्पबुद्धि मानव अन्य प्रकारसे मेरी व्यर्थ पूजा करते हैं। मैं उसे ग्रहण नहीं करता हूँ। वह पूजा मुझे संतोष प्रदान करनेवाली नहीं हैं
anyathā hi vṛthā martyāḥ pūjayanty alpabuddhayaḥ |
毗湿摩说道:“否则,愚昧凡人所献的礼拜皆成徒然。那等迷妄之供奉并不能真正达于我;我不受纳,它也不能使我心满意足。”
भीष्म उवाच