और्वकृत-क्रोधाग्नि-निग्रहः
Aurva’s Containment of the Wrath-Fire
य एष दिवि धिष्ण्येन नाकं व्याप्रोति तेजसा । एतस्य तपती नाम बभूव सदृशी सुता,ये जो आकाशगमें उदित हो अपने तेजोमण्डलके द्वारा यहाँसे स्वर्गलोकतक व्याप्त हो रहे हैं, इन्हीं भगवान् सूर्यदेवके तपती नामकी एक पुत्री हुई, जो पिताके अनुरूप ही थी। प्रभो! वह सावित्रीदेवीकी छोटी बहिन थी। वह तपस्यामें संलग्न रहनेके कारण तीनों लोकोंमें तपती नामसे विख्यात हुई
ya eṣa divi dhiṣṇyena nākaṁ vyāproti tejasā | etasya tapatī nāma babhūva sadṛśī sutā |
乾闼婆说道:“那位安住天穹、以自身光辉遍照天界者——正是那位太阳神;由他诞生了一位女儿,名为‘塔帕蒂’(Tapatī),其光彩与父同辉。因其苦行与坚固的戒律,她以‘塔帕蒂’之名闻达三界。”
गन्धर्व उवाच