और्वोपाख्यानम्
Aurva Episode: Restoration of Sight and Restraint of World-Destructive Anger
एकपादेन षण्मासान् स्थितो विद्यां लभेदिमाम् । अनुनेष्याम्यहं विद्यां स्वयं तुभ्यं ब्रतेडकृते,जो एक पैरसे छ: महीनेतक खड़ा रहकर तपस्या करे, वही इस विद्याको पा सकता है। परंतु आपको इस व्रतका पालन या तपस्या किये बिना ही मैं स्वयं उक्त विद्याकी प्राप्ति कराऊँगा
唯有以一足独立、苦行六个月者,方能得此学。然而于你,我将亲自使你获得此学,不必守此誓戒,亦不必修苦行。
गन्धर्व उवाच