Pāṇḍu’s Marriages, Conquests, and Triumphal Return (पाण्डोर्विवाह-विजय-प्रत्यागमनम्)
स नियुक्तो मया व्यक्त त्वया चाप्रतिमद्युति: । भ्रातुः क्षेत्रेषु कल्याणमपत्यं जनयिष्यति,“मेरे और तुम्हारे आग्रह करनेपर वे अनुपम तेजस्वी व्यास अवश्य ही अपने भाईके क्षेत्रमें कल्याणकारी संतान उत्पन्न करेंगे
那位光辉无比的毗耶娑,既由我与汝郑重相请,必将在其兄之“田地”(血脉/宗系)中生出吉祥的子嗣。
वैशम्पायन उवाच