Dhaumya’s Counsel on Incognito Conduct in a Royal Household (राजवसतौ आचरण-निति)
युधिछिर उवाच अनुशिष्टा: सम भद्रं ते नैतद् वक्तास्ति कश्नन । कुन्तीमृते मातरं नो विदुरं वा महामतिम्,युधिछिर बोले--ब्रह्म! आपका भला हो। आपने हमें बहुत अच्छी शिक्षा दी। हमारी माता कुन्ती तथा महाबुद्धिमान् विदुरजीको छोड़कर दूसरा कोई नहीं है, जो हमें ऐसी बात बतावे
یُدھِشٹھِر نے کہا—اے برہمن، تمہارا بھلا ہو۔ تم نے ہمیں نہایت عمدہ تعلیم دی ہے۔ ہماری ماں کُنتی اور نہایت دانا وِدُر کے سوا ایسا کہہ کر سمجھانے والا ہمارا کوئی اور نہیں۔
युधिछिर उवाच