Vetasa-Nīti: The Reed and the Flood (वेतस-नीति)
कालज्ञ: समयज्ञश्न सदा वश्यश्न नोद्धत: | अनुलोमस्तथास्तब्धस्तेन नाभ्येति वेतस:,बेंत समयको पहचानता है, उसके अनुसार बर्ताव करना जानता है, सदा हमारे वशमें रहता है, कभी उद्दण्डता नहीं दिखाता और अनुकूल बना रहता है। उसमें कभी अकड़ नहीं आती; इसीलिये उसे स्थान छोड़कर यहाँ नहीं आना पड़ता है
kālajñaḥ samayajñaś ca sadā vaśyaś ca noddhataḥ | anulomas tathāstabdhas tena nābhyeti vetasaḥ ||
ساغر نے کہا—بَیتَس وقت اور موقع پہچانتا ہے اور اسی کے مطابق برتاؤ کرتا ہے۔ وہ ہمیشہ تابع رہتا ہے، کبھی سرکش و مغرور نہیں ہوتا؛ موافق رہتا ہے اور تکبر سے اکڑتا نہیں۔ اسی لیے اسے اپنا مقام چھوڑ کر یہاں آنا نہیں پڑتا۔
सागर उवाच