Yudhiṣṭhira’s Lament on Kāla and Daiva after Draupadī’s Recovery (आरण्यक पर्व, अध्याय २५७)
टूट 22222 22222 4 2 222 ततो युधिष्ठिरो राजा तच्छुत्वा दूतभाषितम्,दूतका यह कथन सुनकर राजाओंमें सिंहके समान महाराज युधिष्छिरने इस प्रकार उत्तर दिया--'सौभाग्यकी बात है कि पूर्वजोंकी कीर्ति बढ़ानेवाले राजा सुयोधन श्रेष्ठ यज्ञके द्वारा भगवान्का यजन कर रहे हैं
ครั้นพระเจ้ายุธิษฐิระได้สดับถ้อยคำของทูตแล้ว ก็ทรงยินดีและตรัสตอบว่า “นับเป็นสิริมงคลที่พระราชาสุโยธนะ ผู้เพิ่มพูนเกียรติแห่งวงศ์ กำลังกระทำยัญพิธีอันประเสริฐเพื่อบูชาเทวาธิเทพ”
वैशम्पायन उवाच