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Shloka 27

Bhīmasena–Hanūmān Saṃvāda: The Tail Test and the Divine Path

आक्रीडमानो हृष्टात्मा श्रीमान्‌ वायुसुतो ययौ । प्रियामनोरथं कर्तुमुद्यतश्चारुलोचन:,निम्नगामिनी नदियोंसे निकला हुआ क्षोभरहित जल नीचेकी ओर इस प्रकार बह रहा था, मानो उस पर्वतका वस्त्र खिसककर गिरा जाता हो। भयसे अपरिचित और स्वस्थ हरिण मुँहमें हरे घासका कौर लिये पास ही खड़े होकर भीमसेनकी ओर कौतूहलभरी दृष्टिसे देख रहे थे। उस समय मनोहर नेत्रोंवाले शोभाशाली वायुपुत्र भीम अपने महान्‌ वेगसे अनेक लतासमूहोंको विचलित करते हुए हर्षपूर्ण हृदयसे खेल-सा करते जा रहे थे। वे अपनी प्रिया द्रौपदीका प्रिय मनोरथ पूर्ण करनेको सर्वथा उद्यत थे

ākṛīḍamāno hṛṣṭātmā śrīmān vāyusuto yayau | priyāmanorathaṃ kartum udyataś cārulocanaḥ ||

โอรสแห่งวายุผู้รุ่งเรืองก้าวไปด้วยใจเบิกบาน ราวกับกำลังเล่นสนุก ภีมะผู้มีดวงตางดงามมุ่งมั่นพร้อมยิ่งที่จะทำให้ความปรารถนาของนางผู้เป็นที่รักสำเร็จ

आक्रीडमानःplaying/sporting
आक्रीडमानः:
Karta
TypeVerb
Rootआ + क्रीड् (धातु)
Formशतृ-प्रत्यय (वर्तमान कृदन्त), पुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
हृष्टात्माwith delighted heart
हृष्टात्मा:
Karta
TypeAdjective
Rootहृष्ट + आत्मन्
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
श्रीमान्splendid/illustrious
श्रीमान्:
Karta
TypeAdjective
Rootश्रीमत्
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
वायुसुतःson of Vāyu
वायुसुतः:
Karta
TypeNoun
Rootवायु + सुत
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
ययौwent
ययौ:
TypeVerb
Rootया (धातु)
Formलिट् (परोक्शभूत/परफेक्ट), प्रथम, एकवचन, परस्मैपद
प्रियामनोरथम्beloved wish/desire (of his beloved)
प्रियामनोरथम्:
Karma
TypeNoun
Rootप्रिया + मनोरथ
Formपुंलिङ्ग, द्वितीया, एकवचन
कर्तुम्to do/fulfil
कर्तुम्:
TypeVerb
Rootकृ (धातु)
Formतुमुन् (इन्फिनिटिव), कर्तरि
उद्यतःready/intent
उद्यतः:
Karta
TypeAdjective
Rootउद् + यत (धातु) / उद्यत (प्रातिपदिक)
Formक्त (भूतकृदन्त, विशेषणवत्), पुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
चारुलोचनःhaving beautiful eyes
चारुलोचनः:
Karta
TypeAdjective
Rootचारु + लोचन
Formपुंलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन

वैशम्पायन उवाच

V
Vaiśampāyana
B
Bhīmasena (Vāyusuta)
V
Vāyu
D
Draupadī