अम्बाया रामजामदग्न्यशरणगमनम्
Ambā Seeks Refuge with Rāma Jāmadagnya
परम कथ्यतां चेति तां राम: प्रत्यभाषत । ततः: साभ्यगमद् रामं ज्वलन्तमिव पावकम्,“बहुत अच्छा, कहो बेटी' इस प्रकार उस कन्याको जब परशुरामजीने प्रेरित किया; तब वह प्रज्वलित अग्निके समान तेजस्वी परशुरामजीके पास आयी और उनके कल्याणकारी चरणोंको सिरसे प्रणाम करके कमलदलके समान सुशोभित होनेवाले दोनों हाथोंसे उनका स्पर्श करती हुई सामने खड़ी हो गयी
param kathyatāṃ ceti tāṃ rāmaḥ pratyabhāṣata | tataḥ sābhyagamad rāmaṃ jvalantam iva pāvakam ||
รามะ (ปรศุรามะ) ตรัสตอบนางว่า “ถ้าเช่นนั้น จงกล่าวสิ่งที่สำคัญยิ่ง” แล้วนางก็ก้าวเข้าไปใกล้รามะผู้รุ่งโรจน์ดุจเปลวเพลิง
भीष्म उवाच