अव्यक्त-मानस-सृष्टिवादः
Doctrine of Creation from the Unmanifest ‘Mānasa’
संकेते पिड़ला वेश्या कान्तेनासीद् विनाकृता । अथ कृच्छूगता शान्ता बुद्धिमास्थापयत् तदा,एक बार पिड़ला वेश्या बहुत देरतक संकेत स्थानपर बैठी रही, तब भी उसका प्रियतम उसके पास नहीं आया; इससे वह बड़े कष्टमें पड़ गयी, तथापि शान्त रहकर इस प्रकार विचार करने लगी
ครั้งหนึ่งปิฑลา นางคณิกา นั่งคอยอยู่ ณ ที่นัดหมายเป็นเวลานาน แต่คนรักมิได้มา นางจึงตกอยู่ในความทุกข์หนัก กระนั้นก็ยังสงบ แล้วตั้งสติปัญญาไว้มั่น และเริ่มใคร่ครวญดังนี้
ब्राह्मण उवाच