Duryodhana-śibira-praveśaḥ — The Pāṇḍavas Enter the Kaurava Camp; The Burning of Arjuna’s Chariot
ब्रुवतो5सदृशं तत्र प्रोवाच मधुसूदन: । प्रशंसा करनेवाले वीरगण वहाँ एकत्र होकर भीमसेनसे उपर्युक्त बातें कह रहे थे। भगवान् श्रीकृष्णने जब देखा कि पुरुषसिंह पांचाल और पाण्डव अयोग्य बातें कह रहे हैं, तब वे वहाँ उन सबसे बोले-- ।।
เมื่อถ้อยคำอันไม่สมควรถูกกล่าวขึ้น ณ ที่นั้น มธุสูทนะ ศรีกฤษณะจึงตรัสว่า “โอ เหล่านราธิป! ไม่ชอบธรรมที่จะประหารศัตรูผู้ถูกสังหารแล้วซ้ำอีก”
संजय उवाच