बदरपाचन-तीर्थमाहात्म्यम् | Badarapācana Tīrtha Māhātmya
Indratīrtha and the Austerities of Srucāvatī & Arundhatī
गत्वा स्नात्वा च विधिवद् ब्राह्मणेभ्यो धनं ददौ । नरेश्वर! वहीं उनके पास धन और निधियाँ पहुँच गयी थीं। नरश्रेष्ठ हलधारी बलरामने उस तीर्थमें जाकर स्नानके पश्चात् ब्राह्मणोंके लिये विधिपूर्वक धनका दान किया || २६३ || ददृशे तत्र तत् स्थानं कौबेरे काननोत्तमे,तत्पश्चात् उन्होंने वहाँके एक उत्तम वनमें कुबेरके उस स्थानका दर्शन किया, जहाँ पूर्वकालमें महात्मा यक्षराज कुबेरने बड़ी भारी तपस्या की और बहुत-से वर प्राप्त किये
gatvā snātvā ca vidhivad brāhmaṇebhyo dhanaṃ dadau | nareśvara |
ครั้นไปถึงแล้ว เขาได้สรงสนานโดยชอบตามพิธี และถวายทรัพย์แก่พราหมณ์ทั้งหลายตามแบบแผน
वैशम्पायन उवाच