न चास्य रक्षां पश्यामि पार्श्वतो न च पृष्ठत: । एक एवाभियाति त्वां पश्य साफल्यमात्मन:,“मैं देखता हूँ कि अगल-बगलसे या पीछेकी ओरसे उनकी रक्षाका कोई प्रबन्ध नहीं किया गया है। वे अकेले ही तुमपर चढ़ाई कर रहे हैं; अतः देखो, तुम्हें अपनी सफलताके लिये कैसा सुन्दर अवसर हाथ लगा है
ข้าไม่เห็นการคุ้มกันทั้งด้านข้างหรือด้านหลังของเขาเลย เขาบุกเข้าหาเจ้าเพียงลำพัง; จงดูเถิด โอกาสอันงามสำหรับความสำเร็จของเจ้าได้มาถึงแล้ว
अजुन उवाच