अर्जुनस्य शीघ्रप्रयाणं भीम-शकुनियुद्धं च
Arjuna’s Rapid Advance and the Bhīma–Śakuni Encounter
अत्यद्भुतमिदं पार्थ तव पश्यामि संयुगे । अतिशेते हि यत्र त्वां द्रोणपुत्रोडद्य भारत,तत्पश्चात् क्रोधमें भरे हुए श्रीकृष्ण उस समय अर्जुनसे प्रेमपूर्वक बोले--'पार्थ! युद्धस्थलमें तुम्हारा यह उपेक्षायुक्त अद्भुत बर्ताव देख रहा हूँ। भारत! आज द्रोणपूत्र अश्वृत्थामा तुमसे सर्वथा बढ़ता जा रहा है
atyadbhutam idaṁ pārtha tava paśyāmi saṁyuge | atiśete hi yatra tvāṁ droṇaputro ’dya bhārata ||
สัญชัยกล่าวว่า “โอ้ ปารถะ ในสมรภูมินี้เรามองเห็นสิ่งอัศจรรย์ยิ่งในตัวเจ้า โอ้ ภารตะ วันนี้บุตรแห่งโทรณะ คือ อัศวัตถามัน กำลังได้เปรียบเจ้าอย่างชัดเจน”
संजय उवाच