Chapter 89: Bhīma dispatched to protect Ghaṭotkaca amid escalating engagements
ते प्रसुप्ते बले तत्र परिश्रान्तजने नृप । हस्त्यश्वबहुले रात्रौ प्रेक्षणीये बभूवतु:,नरेश्वर! जिनमें हाथी और घोड़ोंकी अधिकता थी, उन दोनों पक्षकी सेनाओंमें सब लोग परिश्रमसे चूर-चूर हो रहे थे। रातके समय जब दोनों सेनाएँ सो गयीं, उस समय वे देखनेयोग्य हो गयीं
ข้าแต่มหาราช! ในกองทัพทั้งสองซึ่งอุดมด้วยช้างและม้านั้น ผู้คนทั้งปวงอ่อนล้าด้วยความเหน็ดเหนื่อย ครั้นราตรีมาเยือน เมื่อกองทัพทั้งสองหลับใหล ภาพนั้นก็งามน่าชมยิ่ง
संजय उवाच