हृष्टमस्माकमत्यन्तमभिकामं च न: सदा । प्रह्चमव्यसनोपेतं पुरस्ताद् दृष्टविक्रमम्,हमारी यह सेना हमलोगोंपर सदा प्रसन्न और अनुरक्त रहनेवाली है। हमारे प्रति सर्वदा विनीतभाव रखती आयी है। यह किसी भी व्यसनमें नहीं फँसी है। पूर्वकालमें इसका पराक्रम देखा जा चुका है
กองทัพของเรานี้ชื่นบานยิ่งและภักดีต่อเราตลอดกาล มีความนอบน้อมต่อเราเสมอมา มิได้ติดข้องอยู่ในอบายมุขใด ๆ และวีรกรรมอันเกรียงไกรของเขาก็เคยปรากฏให้เห็นมาแล้วแต่กาลก่อน
संजय उवाच