Sainyavinyāsa–Lakṣaṇa (Disposition of Armies and Battlefield Omens) | सैन्यविन्यास–लक्षणम्
उभे सेने बृहत्यौ भीमरूपे तथैवोभे भारत दुर्विषहो । तथैवोभे स्वर्गजयाय सूष्टे तथैवोभे सत्पुरुषोपजुष्टे,भारत! दोनों ओरकी सेनाएँ विशाल, भयंकर और दुःसह थीं, मानो विधाताने दोनों सेनाओंको स्वर्गकी प्राप्तिके लिये ही रचा था। दोनोंमें ही सत्पुरुष भरे हुए थे
โอ้ภารตะ กองทัพทั้งสองใหญ่ยิ่ง น่าเกรงขาม และยากจะต้านทาน ราวกับผู้ลิขิตได้สร้างขึ้นเพื่อชัยชนะสู่สวรรค์ ทั้งสองฝ่ายล้วนมีสัตบุรุษอยู่มาก
संजय उवाच